उत्तराखंड में सियासी हालातों ने रोकी विकास की रफ्तार! मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी निगाहें – UTTARAKHAND DEVELOPMENT – News of Uttarakhand

उत्तराखंड में सियासी हालातों ने रोकी विकास की रफ्तार! मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी निगाहें – UTTARAKHAND DEVELOPMENT

देहरादूनः प्रेमचंद अग्रवाल के मंत्री पद से इस्तीफा और धामी मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच उत्तराखंड में विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई है. दरअसल, वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में सबसे अधिक बजट खर्च होते हैं. साथ ही विकास कार्यों में रफ्तार दिखाई देती है. लेकिन प्रदेश में चल रही सियासी उठापटक के बीच विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई है. क्योंकि वर्तमान समय में विधायकों से लेकर मंत्रियों और मुख्यमंत्री का फोकस सियासी पहलुओं पर ही दिखाई दे रहा है. देहरादून से दिल्ली तक मंत्रिमंडल विस्तार की सरगर्मियां तेज हैं. इसी बीच सियासी पारा चढ़ने से विकास की रफ्तार ठंडी पड़ गई है.

दरअसल हाल ही में प्रेमचंद अग्रवाल के अपने मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद उनके सभी विभाग मुख्यमंत्री के जिम्मे आ गए हैं. जबकि मुख्यमंत्री धामी के पास पहले से ही भारी भरकम विभाग हैं. अब सबसे महत्वपूर्ण विभाग वित्त विभाग भी मुख्यमंत्री के हवाले हो गया है. वहीं, दूसरी ओर राजनीतिक उठापटक के बीच मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं के चलते मंत्री और विधायक अपना-अपना लाभ साधने की कवायद में जुट गए हैं. किसी भी राज्य के लिए वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना काफी महत्वपूर्ण होता है. क्योंकि इस अंतिम महीने में ही विभागों की योजनाओं और व्यय को अंतिम रूप दिया जाता है.

राजनीतिक उठापटक के दौरान विकास कार्य प्रभावित होते हैं. आज पूरी सरकार दिल्ली में बैठी हुई है. कुछ नेता अपना मंत्री पद बचाने की जुगत में जुटे हुए हैं. कुछ नेता मंत्री पद पाने के जुगाड़ में लगे हुए हैं. इस बीच जनता भी त्राहिमाम कर रही है. प्रदेश में अब पैसे की खुर्दबुर्द होगी. क्योंकि मार्च महीने में पैसे को निपटाने का काम होता है, जो पिछले कई सालों से देखा जा रहा है. तमाम विभाग हैं जो अपने कुल बजट का 30 से 40 फीसदी हिस्सा भी खर्च नहीं कर पाए हैं. लिहाजा, पैसों की बंदरबांट ना हो कांग्रेस सक्रियता से नजर रखेगी.
-करन माहरा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष-

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