देहरादून: उत्तराखंड के दो शहरों की सेहत खराब होने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) में चिंता बढ़ गई है. स्थिति ये है कि पिछले साल के मुकाबले रैंकिंग कमजोर हुई है और इस बात में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को चिंता में डाल दिया है. बोर्ड के मुताबिक राज्य में ऐसे नए प्रयासों पर काम किया जा रहा है जो तकनीक से जुड़े होंगे और जिससे प्रदूषण नियंत्रण को लेकर राज्य के शहरों की रैंकिंग बेहतर हो सके. वहीं स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में काशीपुर की रैंकिंग 18 से 21वीं, जबकि ऋषिकेश की रैंकिंग 14 से 16वीं हो गई है.
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बढ़ाया कदम: उत्तराखंड में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अब देश के अलग-अलग राज्यों में अपनाई जा रही बेहतर व्यवस्थाओं और तकनीकों का अध्ययन किया जाएगा. खासतौर पर काशीपुर और ऋषिकेश में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए दूसरे राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस को उत्तराखंड में लागू करने की तैयारी है. स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में इन दोनों शहरों की रैंकिंग में गिरावट सामने आने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है.
दूसरे राज्यों के मॉडल का होगा अध्ययन: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पिछले साल की तुलना में काशीपुर और ऋषिकेश का प्रदर्शन कमजोर हुआ है. रैंकिंग में आई इस गिरावट ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चिंता बढ़ाई है. बोर्ड अब इन दोनों शहरों में प्रदूषण के प्रमुख कारणों को कम करने के साथ ही दूसरे राज्यों में सफल रहे उपायों को अपनाने की तैयारी कर रहा है.
देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे बेहतर कामों का अध्ययन किया जाएगा. इनमें ऐसी व्यवस्थाओं को चिन्हित किया जाएगा, जिनके जरिए कम समय में वायु गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है. इन उपायों को काशीपुर और ऋषिकेश की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार लागू करने पर काम होगा.
-डॉ. पराग मधुकर धकाते, सदस्य सचिव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड-