हरिद्वार: जिले में मानकों के विपरीत संचालित लग्जरी बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. मानकों को ताक पर रखकर संचालित हो रही 80 बसों का चालान किया गया है. गंभीर अनियमितताएं मिलने पर टीम ने 12 बसों को सीज कर दिया है. साथ ही 15 बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट निरस्त करने की संस्तुति की गई है.
मानक तोड़ने वाली लग्जरी बसों के खिलाफ परिवहन विभाग का कड़ा एक्शन: दरअसल हरिद्वार में लगातार शिकायतें मिल रहीं थी कि लग्जरी बसें मानकों के विपरीत संचालित हो रहीं हैं. बिना बस स्टॉप के हाईवे पर बेतरतीब तरीके से बसें खड़ी करके सवारियां भरी जा रहीं हैं. इस कारण पूर्व में कई बार हादसे भी हो चुके हैं. परिवहन विभाग ने शिकायतों का संज्ञान लिया और अलग अलग टीमें बनाकर अभियान चलाया. सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने डीएम मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में जनपद हरिद्वार में संचालित लग्जरी स्लीपर बसों के विरुद्ध दो दिन विशेष अभियान चलाया.
एआरटीओ प्रवर्तन नेहा झा के नेतृत्व में चला अभियान: अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रवर्तन) नेहा झा द्वारा किया गया. बसों का तकनीकी निरीक्षण संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन द्वारा किया गया. अभियान के दौरान विभिन्न मार्गों पर संचालित लग्जरी स्लीपर बसों की परमिट शर्तों, फिटनेस, संरचनात्मक सुरक्षा, तकनीकी मानकों एवं अन्य वैधानिक अभिलेखों की गहन जांच की गई. जांच के दौरान अनेक बसों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम एवं नियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की गई.
दो दिन के अभियान में 80 वाहनों के चालान: दो दिवसीय अभियान के दौरान कुल 80 चालान किए गए. गंभीर अनियमितताओं के कारण 12 बसों को सीज़ किया गया. इसके अतिरिक्त 15 बसें परमिट की शर्तों के विरुद्ध संचालित पाई गईं, जिनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई. तकनीकी निरीक्षण के दौरान सड़क सुरक्षा की दृष्टि से कई बसों की स्थिति अत्यंत असंतोषजनक पाई है, जिसके फलस्वरूप उनके फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त किए जाने की संस्तुति की गई.