दिल्ली-लखनऊ अग्निकांड से हरकत में धामी सरकार, इन भवनों, प्रतिष्ठानों का होगा फायर सेफ्टी ऑडिट, लापरवाही पर एक्शन तय

देहरादून: दिल्ली मालवीय नगर और लखनऊ अलीगंज अग्निकांड ने पूरे देश में फायर सेफ्टी से जुड़े नियमों को सुनिश्चित करने के लिए दबाव डाला है. उत्तराखंड में भी बिना फायर सेफ्टी नियमों के संचालित संस्थान और फायर एनओसी न लेने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हो, इसके लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाना शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि,

प्रदेशभर के सभी अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, बड़े मॉल, होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए. जनसुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड-

सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन संस्थानों में अग्निशमन संबंधी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि, फायर सेफ्टी उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्गों, विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा आपदा की स्थिति में त्वरित निकासी की तैयारियों का विशेष रूप से परीक्षण किया जाए.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से ऑडिट की प्रक्रिया पूरी की जाए.

गौर है कि 22 जून को लखनऊ के अलीगंज इलाके में तीसरे तल पर स्थित गेमिंग जोन और सॉफ्टवेयर ऑफिस में भीषण आग लग गई थी. इस भयावह अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई थी. जबकि कई लोग घायल हुए. मृतकों में ज्यादातर युवा शामिल हैं. आग इतनी भीषण थी कि कई लोगों को अपनी जान बचाने के लिए बिल्डिंग से नीचे कूदना पड़ा और कईयों को तार के जरिए लटककर न खुद को मौत के मुंह से बचाना पड़ा.

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