देहरादून इनोवा हादसा: 150 की रफ्तार से दौड़ रही थी कार, JPRI की रिपोर्ट में और भी बड़े खुलासे

देहरादून: ओएनजीसी चौक पर हुए इनोवा कार हादसे को लेकर जेपीआरआई (JPRI) की रिपोर्ट आ गई है. यह रिपोर्ट आज परिवहन विभाग को सौंपी दी गई. रिपोर्ट में कई खुलासे हुए हैं. जिसमें कई गलतियां और खामियां सामने आई हैं, जिसकी वजह से एक झटके में 6 लोगों की जान चली गई.

जेपीआरआई ने परिवहन विभाग को सौंपी रिपोर्ट: दरअसल, इनोवा कार हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए परिवहन विभाग की टीम और जेपीआरआई (JP Research India Pvt limited) की टीम ने हादसे के बाद घटनास्थल के साथ ही रूट का बारीकी से निरीक्षण किया था. निरीक्षण के बाद जेपीआरआई की रिपोर्ट का काफी लंबे से इंतजार था. जिसकी रिपोर्ट आज आ चुकी है. साथ ही यह रिपोर्ट परिवहन विभाग को सौंप दी गई है.

150 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी कार: जेपीआरआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इनोवा कार की स्पीड 150 किमी प्रति घंटा थी. जबकि, कंटेनर की स्पीड 15 से 20 किमी प्रति घंटा की थी. घटनास्थल पर कार कंटेनर के पिछले हिस्से में जा टकराई थी. हालांकि, कार चालक को आखिरी मौके पर लग रहा था कि उनकी कार क्रॉस हो जाएगी, लेकिन कंटेनर के आखिरी हिस्से से टकरा गई थी.

ओएनजीसी चौक पर मुड़ रहे कंटेनर के बाईं तरफ से घुसी थी कार: रिपोर्ट की मानें तो कंटेनर किशन नगर चौक से कौलागढ़ की तरफ 15 से 20 किमी प्रतिघंटा के रफ्तार से जा रहा था. जबकि, कार बल्लूपुर चौक से गढ़ी कैंट की तरफ 150 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जा रही थी. इसी दौरान कार ओएनजीसी चौक पर मुड़ रहे कंटेनर के बाईं तरफ से पिछले हिस्से में जा घुसी थी. इससे इनोवा कार का केबिन एरिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त और चकनाचूर हो गया था.

कंटेनर में घुसने के बाद नीचे से निकलकर पेड़ से टकराई थी कार: इनोवा कार की छत का हिस्सा कंटेनर से चिपक गया था. कार कंटेनर में घुसने के बाद नीचे से निकल कर करीब 80 मीटर आगे पेड़ पर जाकर टकरा गई. इस दौरान पेड़ का तना कार के अंदर 30 सेमी तक अंदर घुस गया था. इससे माना जा रहा है कि उस दौरान भी कार की स्पीड करीब 70-80 किमी प्रतिघंटा रही होगी.

जेपीआरआई की रिपोर्ट में हुए ये खुलासे-

  • इनोवा कार की अत्यधिक रफ्तार हादसे का मुख्य कारण था.
  • इनोवा कार में सवार युवाओं ने सीट बेल्ट नहीं पहनी हुई थी, जिसकी वजह से टक्कर के प्रभाव को सहने की क्षमता कम हो गई थी.
  • कंटेनर में अंडर राइड प्रोटेक्शन डिवाइस और रिफ्लेक्टर जैसे उपकरण नहीं थे.
  • घटनास्थल पर गति सीमा संकेत और स्पीड ब्रेकर नहीं थे.

इनोवा कार हादसे में 6 युवक-युवतियों की गई थी जान: गौर हो कि बीती 11 नवंबर की देर रात और 12 नवंबर की अल सुबह करीब 1.30 बजे देहरादून के ओएनजीसी चौक पर इनोवा कार हादसा हो गया था. हादसे में तेज रफ्तार कार कंटेनर की पीछे टकरा गई थी. जिसकी वजह कार सवार 6 लोगों की मौत हो गई थी.

Dehradun Innova car accident

इनोवा कार के उड़े परखच्चे (फाइल फोटो- ETV Bharat)

हादसे में गुनीत (उम्र 19 वर्ष), कुणाल कुकरेजा (उम्र 23 वर्ष), ऋषभ जैन (24 वर्ष), नव्या गोयल (उम्र 23 वर्ष), अतुल अग्रवाल (उम्र 24 वर्ष) और कामाक्षी (उम्र 20 वर्ष) की दर्दनाक मौत हो गई थी. जबकि, उनका एक साथी सिद्धेश अग्रवाल गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसका अभी भी एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. जो अभी तक बोलने की स्थिति में नहीं आया है.

इनोवा और कंटेनर हादसे के कारण की रिपोर्ट जेपीआरआई ने सौंप दी है. 11 नवंबर की देर रात ओएनजीसी चौक के पास कंटेनर की क्रॉसिंग के दौरान ज्यादा स्पीड होने के कारण इनोवा चालक कार को निकालने को लेकर सही अंदाजा नहीं लगा पाया. उसे लगा कि कंटेनर पूरा निकल जाएगा और उनकी कार आराम से क्रॉस हो जाएगी, लेकिन जल्दबाजी में इनोवा कार क्रॉसिंग के दौरान कंटेनर के पिछले हिस्से से टकरा कर घुस गई.

इसके अलावा जेपीआरआई ने इस तरह के सड़क हादसों को रोकने के लिए रिपोर्ट में सड़क सुरक्षा सुधार के सुझाव दिए हैं. रिपोर्ट के अनुसार चौराहों पर गति सीमा बोर्ड और स्पीड ब्रेकर लगाने को कहा गया है. साथ ही सभी ट्रकों में ओवर राइड प्रोटेक्शन डिवाइस और रिफ्लेक्टर अनिवार्य करने के लिए कहा गया है. सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूक अभियान चलाए जाने को भी आवश्यक कहा माना है. – शैलेश तिवारी, आरटीओ प्रवर्तन

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