टिहरी: उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर क्षेत्र से रहस्यमयी तरीके से लापता हुई रेशमा बिष्ट का 32 दिनों बाद भी कुछ पता नहीं चल पाया है. रेशमा की तलाश में पुलिस लगातार सर्च अभियान चला रही है, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया है. एक महीने से ज्यादा वक्त बीतने के बाद भी रेशमा का पता नहीं चलने पर अब परिजनों के सब्र का बाध भी टूटने लगा है. अब आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक गहमा-गहमी की स्थिति बनी रही.
6 अगस्त को लापता हुई थी रेशमा: जानकारी के मुताबिक प्रतापनगर क्षेत्र के जांगी गांव निवासी रेशमा बिष्ट 6 अगस्त को लापता हुई थीं. रेशमा के अचानक गायब होने के बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो 7 अगस्त को थाना लंबगांव में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई.
परिजनों ने अपने स्तर पर भी की तलाश: गुमशुदगी की शिकायत दर्ज होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने भी रेशमा की तलाश शुरू की. आसपास के क्षेत्रों, जंगलों और संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन की गई, लेकिन रेशमा का कोई पता नहीं चला.
पुलिस ने जंगल से लेकर झील और नदी तक चलाया सर्च अभियान: मामले को गंभीरता से लेते हुए टिहरी पुलिस ने भी रेशमा की तलाश में व्यापक सर्च अभियान चलाया. पुलिस टीमों ने जंगलों, टिहरी झील और जाखणी नदी क्षेत्र में भी तलाश की. संभावित स्थानों पर खोजबीन के साथ ड्रोन की मदद से भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा.
32 दिन बाद भी सुराग नहीं, बढ़ता गया आक्रोश: रेशमा के लापता होने के 32 दिन बीत जाने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों और ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा. ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से तलाश किए जाने के बावजूद रेशमा का पता नहीं चलना चिंता का विषय है. इसी को लेकर ग्रामीण सड़क पर उतर आए.
सड़क जाम कर किया प्रदर्शन: आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया. लोगों ने रेशमा की जल्द तलाश किए जाने और पुलिस से सर्च अभियान को और तेज करने की मांग की. सड़क पर प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा.