देहरादून: उत्तराखंड में एसआईआर के दूसरे चरण यानी नोटिस एवं सुनवाई फेज की प्रक्रिया जारी है. जिसके तहत एनॉमली पाए गए 19.04 लाख और अन्मैप्ड 5.26 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे जा रहे हैं. इस प्रक्रिया के शुरू होने के बाद जनता में काफी अधिक भ्रम की स्थिति बनी हुई है.
एसाईआर में जिन मतदाताओं को नोटिस जारी हो रहा है उनकी संख्या काफी अधिक होने के चलते चुनाव आयोग की भी चुनौतियां बढ़ गई हैं. जिसको देखते हुए निर्वाचन आयोग अब प्रदेश के अन्मैप्ड 5,26,228 मतदाताओं पर विशेष फोकस करने का निर्णय लिया है. जिससे सामान्य विसंगति वाले नोटिस से संबंधित मतदाताओं को परेशानियों का सामना न करना पड़े.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने मंगलवार को देहरादून जिले के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में स्थित मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया. साथ ही एसआईआर प्रकिया के तहत चल रही नोटिसों की सुनवाई के सम्बंध में जानकारी ली. इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदान केंद्रों पर मतदाताओं से भी उनका फीडबैक भी लिया. वहीं, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि इस फील्ड विजिट का मुख्य उद्देश्य धरातल पर आ रही व्यवहारिक समस्याओं को समझने और उन समस्याओं का निदान करना है.
सीईओ ने कहा पूरे प्रदेश में सभी मंडल आयुक्तों, जिलाधिकारियों, ईआरओ को फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामान्य विसंगति वाले नोटिसों का बीएलओ, दस्तावेज लेकर सत्यापित करते हुए अपने स्तर पर निस्तारण करें ताकि मतदाताओं को बेवजह परेशान न होना पड़े. इसके साथ ही कहा कि जिन मतदाताओं की प्री एसआईआर के दौरान मैपिंग नहीं हो पाई है उनपर विशेष फोकस करते हुए ईआरओ/एईआरओ स्तर पर सुनवाई कर नियमानुसार कार्यवाही करें.