देहरादून: उत्तराखंड में हरेला पर्व के पहले दिन तय किए गए लक्ष्य से कहीं ज्यादा पौधारोपण हुआ. प्रदेशभर में 10 लाख पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन दोपहर करीब 1 बजे तक ही 10 लाख के इस लक्ष्य को पूरा कर लिया गया. हालांकि, पूरे 1 महीने चलने वाले इस पर्व में करीब एक करोड़ पौधे लगाने का निर्णय लिया गया है, जिसको लेकर पहले दिन की शुरुआत काफी बेहतर मानी जा रही है.
उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के प्रतीक हरेला पर्व की शुरुआत इस बार रिकॉर्ड पौधारोपण के साथ हुई. राज्य सरकार ने पहले दिन 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन लोगों की व्यापक भागीदारी और विभिन्न विभागों की सक्रियता के चलते यह लक्ष्य दोपहर तक ही पार कर लिया गया. वन विभाग के मुताबिक, दोपहर करीब एक बजे तक 10 लाख से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके थे. जबकि, दो बजे तक यह संख्या 11 लाख के पार पहुंच गई.
एक महीने के भीतर एक करोड़ पौधे लगाने का रखा गया है लक्ष्य: इस साल हरेला अभियान के तहत पूरे प्रदेश में एक महीने के भीतर लगभग एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है. अभियान का नोडल विभाग वन विभाग है. जबकि, विभिन्न सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यालयों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों को भी इसमें जोड़ा गया है. पहले दिन मिले उत्साहजनक परिणामों ने वन विभाग का मनोबल बढ़ा दिया है.
हरेला पर्व के अवसर पर पूरे उत्तराखंड में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए. कुमाऊं मंडल का मुख्य कार्यक्रम अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर क्षेत्र में आयोजित हुआ, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद पौधारोपण कर अभियान का संदेश दिया. वहीं, गढ़वाल मंडल का मुख्य कार्यक्रम देहरादून में आयोजित हुआ, जिसकी अगुवाई वन मंत्री सुबोध उनियाल ने की. दोनों कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों ने काफी संख्या में भाग लिया.
सुबह सात बजे से ही प्रदेशभर में पौधारोपण शुरू हो गया था, लेकिन लगभग 11 बजे के बाद अभियान ने तेज गति पकड़ ली. सरकारी विभागों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों, विद्यालयों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी के कारण लक्ष्य निर्धारित समय से काफी पहले ही पूरा हो गया. इसे राज्य में चल रहे एक माह के हरेला अभियान की बेहद सकारात्मक शुरुआत माना जा रहा है.