पौड़ी: जिला मुख्यालय से सटे डोभाल ढांडरी गांव में आतंक का पर्याय बन चुके गुलदार को शूट करने के आदेश जारी हो गए हैं. गुलदार को शूट करने के आदेश जारी होती ही पिछले पांच दिनों से चल रहा ग्रामीणों का धरना और सड़क जाम आखिरकार समाप्त हो गया है. वन विभाग ने विभागीय शूटर को गांव में तैनात कर दिया है. गुलदार की खोज में अभियान शुरू कर दिया गया है.
बुजुर्ग महिला पर गुलदार ने किया था हमला: गौर हो कि 21 नवंबर को घास काटते समय गुलदार के हमले में एक बुजुर्ग महिला घायल हो गई थीं. घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी रोष था. लोगों ने पौड़ी–श्रीनगर हाईवे जाम कर प्रशासन को 24 घंटे में गुलदार को मारने का अल्टीमेटम दिया था.
ग्रामीणों का कहना था कि जंगली जानवरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि गांव के लोग घर से अकेले बाहर निकलने से डर रहे हैं. इसके बावजूद विभाग और सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा
घायल महिला मिले गणेश गोदियाल और हरक सिंह रावत: वहीं, बीती दिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत भी डोभाल ढांडरी पहुंचे. दोनों नेताओं ने घायल महिला का हाल जाना और ग्रामीणों की मांगों को उचित ठहराते हुए जल्द समाधान की बात कही.
शूटर की तैनाती के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन तो स्थगित कर दिया है, लेकिन लोगों की निगाहें अब गुलदार को पकड़े जाने या मार गिराए जाने की कार्रवाई पर टिकी हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अगर कार्रवाई ठोस नहीं हुई तो वे फिर आंदोलन का रुख करने को मजबूर होंगे.