उत्तराखंड पुलिस को हाईकोर्ट में क्यों देना पड़ा लाइव डेमो, जानिए सिटीजन पोर्टल से जुड़ा मामला

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस विभाग द्वारा दर्ज मुकदमों की शिकायतों से जुड़ा सार्वजनिक पोर्टल बंद किए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया.

उत्तराखंड पुलिस ने हाईकोर्ट में दिखाया लाइव डेमो: मामले में आज पुलिस विभाग की टेक्निकल टीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुई. उनके द्वारा कहा गया कि उनके द्वारा दर्ज मुकदमे की एफआईआर (First Information Report ) को सिटीजन और देवभूमि ऐप में देखा जा सकता है. मोबाइल पर देखने के लिए एंड्रॉइड फोन होना चाहिए. एप्पल फोन पर इसे नहीं देखा जा सकता. इसके लिए देवभूमि ऐप को पहले डाउनलोड करना होगा. उसे लाग इन करके मांगी गयी समस्त विवरणों को भरना है.

हाईकोर्ट ने उत्तराखंड पुलिस के पोर्टल पर एफआईआर को लेकर दिए थे निर्देश: अंत में अपनी सेल्फी लेकर फोटो को भी अपलोड करना है. उसके बाद एफआईआर को देखा और उसको डाउनलोड किया जा सकता है. उपस्थित अधिकारियों ने इसका डेमो करके कोर्ट को दिखाया. पिछली तिथि को कोर्ट ने पुलिस विभाग से पूछा था कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अनुपालन क्यों नहीं किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश हैं कि मुकदमा दर्ज होने के बाद उसे सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड किया जाए.

​पुलिस विभाग की टेक्निकल टीम कोर्ट में पेश हुई: यह जनहित याचिका हरिद्वार की ‘नेशनल पब्लिक ट्रस्ट’ द्वारा दायर की गई है. उनके द्वारा कहा गया कि लंबे समय से बंद पड़े इस ऐप को दोबारा से शुरू करने की मांग की है. पिछली तिथि को कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि यदि यह पोर्टल जल्द सुचारू रूप से शुरू नहीं किया गया, तो आगामी सुनवाई की तारीख पर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होना पड़ेगा. इसका अनुपालन करते हुए पुलिस विभाग के टेक्निकल अधिकारी आज कोर्ट में पेश हुए.

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