देहरादून: उत्तराखंड में आगामी साल 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं. उससे पहले ही धामी सरकार, युवाओं और महिलाओं के लिए बड़ी सौगातें दे रही है. इसी क्रम में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाने की घोषणा की है. इन टॉयलेट्स में स्वच्छता के साथ-साथ महिलाओं की निजता, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा. इसके साथ ही 60 साल की उम्र से महिलाओं को रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा का लाभ मिलेगा.
रक्षाबंधन के अवसर पर चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में शामिल होकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. साथ ही बहनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उनके लिए काफी शुभ और भावनात्मक है. उन्होंने कहा कि बहनों का प्रेम और स्नेह उन्हें लगातार जनसेवा के लिए प्रेरित करता है. यही प्रेम उन्हें अधिक मेहनत और ऊर्जा के साथ प्रदेश की जनता की सेवा करने की शक्ति देता है. रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व भी है.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को बड़ी सौगात देते हुए तमाम घोषणा भी की. जिसके तहत प्रदेश में वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज बसों में उपलब्ध मुफ्त सफर की सुविधा को महिलाओं के लिए 60 वर्ष की आयु से लागू किया जाएगा. इससे प्रदेश की अधिकाधिक बुजुर्ग महिलाओं को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी. इसके साथ ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट विकसित किया जाएगा. प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, पर्यटन स्थलों और अन्य आवश्यक स्थानों पर आधुनिक एवं सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराकर महिलाओं के लिए अधिक सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा.
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत उत्तराखंड को 137 इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त होने वाली हैं. जिसमें से देहरादून में संचालित होने वाली 100 बसों में 10 बसें महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के रूप में समर्पित करने की घोषणा सीएम ने की. उन्होंने कहा कि इस सुविधा को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक भी विस्तारित किया जाएगा. जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके