देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज यानी मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है. बैठक में सीएम धामी के साथ कैबिनेट मंत्री खजान दास, गणेश जोशी, सतपाल महाराज, राम सिंह कैड़ा, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल और प्रदीप बत्रा मौजूद हैं. बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लगी.
गौर हो कि उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल की मुहर लगने की संभावना थी. राजकीय मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने के बाद एमबीबीएस के छात्रों को पर्वतीय क्षेत्रों में बॉन्ड के तहत तीन सेवाएं देनी होती है. लेकिन कुछ दिन इस्तेमाल करने के बाद ही एमबीबीएस डॉक्टर्स पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए आवेदन कर देते हैं और पीजी करने चले जाते हैं. जिसके चलते डॉक्टर की कमी बरकरार रहती है. इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है कि राजकीय मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को कम से कम 3 साल तक अपनी सेवाएं देनी होंगी.
उसके बाद ही उन्हें पीजी करने के लिए अनुमति दी जाएगी. प्रदेश के संविदा कर्मियों के नियमितीकरण का मामला भी खास था. इसके साथ ही बैठक में तमाम विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा कर महत्वपूर्ण फैसले पर निर्णय लिए गए. बैठक में परिवहन विभाग, शहरी विकास, उद्योग, कार्मिक, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास विभाग के प्रस्ताव खास रहे.
इसके अलावा लोगों को प्रदेश में बढ़ती महंगाई खास का चीनी के साथ ही फलों और सब्जियों के दाम को लेकर भी चर्चा की उम्मीद थी. मुख्य रूप से चीनी की जमाखोरी समेत अन्य मामलों पर सीएम धामी ने सख्त निर्देश दिए हैं. परिवहन निगम के कर्मचारियों को पिछले दो से तीन महीने का वेतन नहीं मिला है, ऐसे में आगामी त्यौहार रक्षाबंधन को देखते हुए राज्य सरकार पर परिवहन निगम के कर्मचारियों को वेतन भुगतान की उम्मीद लगाए हुए हैं. इसके अलावा, आलंबन गांव योजना के तहत महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग को जमीन उपलब्ध कराए जाने के मामले भी विकास के लिए खाास हैं
यही नहीं, नियोजन विभाग की ओर से तमाम नीतियां भी तैयार की गई हैं जिन नीतियों पर भी विभाग को खासा उम्मीदें हैं. खासबात ईवी पॉलिसी के साथ ही शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादले में पारदर्शिता लाने संबंधित प्रस्ताव खास हैं.