मसूरी: उत्तराखंड के मसूरी में ऐतिहासिक कंपनी गार्डन का नाम बदलकर अटल उद्यान किए जाने के बाद रविवार को भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद मूर्ति का भव्य अनावरण किया गया. इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने संयुक्त रूप से मूर्ति का अनावरण किया.
उत्तराखंड निर्माण में अटल जी का ऐतिहासिक योगदान: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शिता और संकल्प का परिणाम है. पूर्व मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल के अथक प्रयासों से अंग्रेजी शासनकाल के नाम कंपनी गार्डन को बदलकर अटल उद्यान किया गया. आज उसी उद्यान में अटल जी की आदमकद मूर्ति का स्थापित होना मसूरी के लिए गौरव का क्षण है. उन्होंने लोगों से अटल जी द्वारा बताए गए राष्ट्रसेवा और सुशासन के मार्ग पर चलने का आह्वान किया. अटल उद्यान में आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, स्मरण और संकल्प का प्रतीक बन गया.
गुलामी के नाम हटना गर्व की बात: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि, आज मसूरी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है. क्योंकि, अंग्रेजों द्वारा दिए गए गुलामी के प्रतीकों को हटाकर राष्ट्रनायकों के नाम स्थापित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शासन में इसे कंपनी गार्डन कहा जाता था. लेकिन, अब यह अटल उद्यान के नाम से जाना जाएगा और यहां स्थापित अटल जी की मूर्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी.
कांग्रेस पर तीखा प्रहार: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा भाजपा नेताओं को रावण का वंशज कहे जाने पर महेंद्र भट्ट ने कहा कि, यह तय जनता करेगी कि कौन किसका वंशज है? अब तक हुए सभी चुनावों में देवभूमि की जनता ने राम के वंशजों को ही विजयी बनाया है.
उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाओं का नाम बदलना महात्मा गांधी का अपमान नहीं है, क्योंकि गांधी जी ने भी अंतिम समय में ‘हे राम’ कहा था. राम के नाम से शुरू की गई योजनाओं का कांग्रेस को सम्मान करना चाहिए. लेकिन कांग्रेस को राम नाम से ही एलर्जी है, जबकि देश राम को चाहता है.
मतदाता सूची और जनगणना पर बड़ा बयान: प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया चला रही है. निर्वाचन आयोग समय-समय पर इसका निरीक्षण करता रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में जो विदेशी नागरिक हैं, उन्हें मतदाता बनने का अवसर नहीं दिया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल भारत के नागरिक ही मतदाता सूची में शामिल हों.