मसूरी: आंखों के बेहतर इलाज के लिए अब उत्तराखंड के मरीजों को दूसरे बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा. देहरादून में भी आंखों के विशेषज्ञ डॉक्टर आधुनिक उपचार उपलब्ध करा रहे हैं. यह बात कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शुक्रवार को मसूरी के पिक्चर पैलेस स्थित एक होटल में उत्तराखंड आईकॉन-2026 के तीन दिवसीय सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ करते हुए कही. सम्मेलन में देश-विदेश के करीब 550 नेत्र सर्जन हिस्सा ले रहे हैं. इसमें आंखों की बीमारियों के आधुनिक उपचार, नई सर्जिकल तकनीकों और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर चर्चा की जा रही है.
उद्घाटन अवसर पर सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. बीके ओली ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर स्वागत किया. मंत्री ने कहा कि मानव शरीर के सभी अंगों में आंखों का विशेष महत्व है. आंखें व्यक्ति को दुनिया देखने और जीवन की गतिविधियों को सहज रूप से करने में मदद करती हैं. इसलिए आंखों की देखभाल करना और समय पर उपचार कराना सभी के लिए जरूरी है. गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी में देश-विदेश के नेत्र विशेषज्ञों का एक मंच पर जुटना उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण है. सम्मेलन में आंखों की बीमारियों और उनके आधुनिक उपचार पर चर्चा के साथ सर्जरी की नई तकनीकों की जानकारी साझा की जा रही है.
इससे चिकित्सकों को अपने ज्ञान और कौशल को और बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा कि पहले आंखों के गंभीर रोगों के उपचार के लिए कई मरीजों को दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब देहरादून में भी विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं. इससे मरीजों को अपने प्रदेश में ही बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिलने की संभावनाएं बढ़ी हैं. उत्तराखंड ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसायटी की वार्षिक बैठक के तहत 23 से 25 अक्टूबर तक आयोजित इस सम्मेलन में मोतियाबिंद की आधुनिक सर्जरी, लेसिक और लेजर सर्जरी, डायबिटिक रेटिनोपैथी, ऑकुलोप्लास्टी तथा आंखों से जुड़ी अन्य बीमारियों के उपचार पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे.
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में करीब 125 फैकल्टी सदस्य और आमंत्रित विशेषज्ञ वैज्ञानिक प्रस्तुतियां देंगे. इसमें शोध पत्रों के साथ आधुनिक सर्जिकल तकनीकों के वीडियो और लाइव सर्जरी का प्रदर्शन भी प्रस्तावित है, ताकि प्रतिभागी नई तकनीकों को करीब से समझ सकें.सम्मेलन में स्नातकोत्तर स्तर के नेत्र चिकित्सकों को अपने शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा. इससे युवा डॉक्टरों को अनुभवी सर्जनों के अनुभवों से सीखने और नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नए बदलावों की जानकारी प्राप्त करने का मौका मिलेगा. आयोजकों का मानना है कि इस तरह के वैज्ञानिक सम्मेलनों से चिकित्सकों का कौशल बढ़ेगा और उसका लाभ मरीजों को मिलेगा. उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में आधुनिक नेत्र चिकित्सा की जानकारी और सुविधाओं का विस्तार मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है. सम्मेलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नेत्र सर्जनों को सम्मानित किए जाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है.