देहरादून: देशभर में आज से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं. जिससे आपराधिक न्याय प्रणाली में बदलाव आएंगे. इसी क्रम में आज हरिद्वार जिले के ज्वालापुर कोतवाली में प्रदेश का पहला मुकदमा दर्ज हुआ है.वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी देहरादून में भी नए कानून के क्रियान्वयन को लेकर पुलिस मुख्यालय में एक कार्यक्रम में शिरकत की. मुख्यमंत्री धामी ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताया है. डीजीपी अभिनव कुमार ने नए कानून को लागू होने को अंग्रेजी कानून से आजादी बताया है.
पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह देश के साथ-साथ राज्य के लिए बड़ा दिन है. लिहाजा हर फरियादी तक इन कानून की जानकारी पहुंचे इसके लिए हमें बेहतर प्रयास कर रहे हैं. सीएम धामी ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताते अंग्रेजी कानून की विदाई का दिन बताया. सीएम धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताते हुए कहा कि आज से 3 नए आपराधिक कानून को लागू कर दिया गया है.
वहीं इस कानून को लागू करने से पहले राज्य में पूरी तरीके से व्यवस्था को बना लिया गया था.कहा कि आज का दिन काफी ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि अंग्रेजों के समय से चले आ रहे जटिल पुराने कानून, जिससे न्याय मिलने में काफी परेशानी हो रही थी उनमें सरलीकरण किया गया है.ऐसे कानून जो अपराधियों को बचाते थे, और पुलिस को काफी परेशान करती थे. अब उसका भी सरलीकरण कर दिया गया है. वहीं इस नए कानून से आम आदमी को अब जल्दी न्याय मिलेगा. इसके लिए 20 करोड़ का बजट भी स्वीकृत कर दिया गया है.
हरिद्वार जिले के कोतवाली ज्वालापुर में नए कानून के तहत मुकदमा दर्ज करके पुलिस ने औपचारिक रूप से राज्य में इसकी शुरुआत कर दी है. ज्वालापुर कोतवाली में सुबह तड़के मोबाइल लूट का मुकदमा दर्ज किया गया. हरिद्वार पुलिस की मानें तो नए कानून के तहत यह राज्य का पहला मुकदमा है. इस मुकदमे में सभी कार्रवाई नए कानून के तहत की जाएगी. उत्तराखंड डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा है कि आज नए कानून को लागू करके हमने एक नई इबारत लिखी है और यह अंग्रेजी कानून से भी एक तरह की आजादी है.
बता दें कि 1 जुलाई यानि आज से भारत में तीन नए आपराधिक कानून लागू हो जाएंगे. ये तीनों कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) हैं. वहीं नए कानूनों में कुछ धाराओं को हटाया गया है और कुछ नई धाराओं को जोड़ा भी गया है. कानून की धाराओं में बदलाव से पुलिस, वकील और अदालतों के साथ ही लोगों के कामकाज में भी बदलाव आएगा.